नोएडा होमगार्ड मामला: दस साल से हो रहा था घोटाला,
फर्जी मस्टर रोल तैयार कर होमगार्डों का करोड़ों रुपये अकेले नोएडा में ही हड़प लिया गया। आला अफसरों ने जिले के 10 एसएचओ से पूछताछ की है। ये वर्तमान और तत्कालीन वही एसएचओ रहे, जिनके फर्जी हस्ताक्षर कर होमगार्डों का वेतन निकाल लिया गया।
 

पुलिस अफसरों का दावा है कि सभी एसएचओ ने खुद के हस्ताक्षर होने से इंकार किया है। वहीं, अफसरों की प्रारंभिक जांच में हर महीने के हिसाब से एक साल में ही करीब सवा करोड़ रुपये डकारे जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस अधिकारी घोटाले को करीब दस साल पुराना मानकर चल रहे हैं। ऐसे में अकेले गौतमबुद्धनगर में हड़पी कई रकम ही दस करोड़ के पार है।

गौतमबुद्धनगर में होमगार्डों की फर्जी ड्यूटी दिखाकर करोड़ों के वेतन घोटाले के सामने आने के बाद सोमवार को साक्ष्य मिटाने के लिए सूरजपुर स्थित होमगार्ड कमांडेंट के दफ्तर में रखे दस्तावेज में आग लगा दी गई। जले हुए मस्टर रोल वर्ष 2014 से अभी तक के बताए जा रहे हैं। जांच में जुटे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि होमगार्ड, पुलिस थाने के अलावा, ट्रैफिक, कलेक्ट्रेट समेत अन्य विभागों में तैनात होते हैं। 

वर्ष 2017 से अभी तक मस्टर रोल की प्रारंभिक जांच में जो बात सामने आई है। वह यह है कि जिले में मौजूद 21 थानों में फर्जी तैनाती दिखाकर सालाना करीब 50 लाख रुपये की रकम ऐंठ ली गई।इसके अलावा अन्य विभाग में तैनात होमगार्ड की रकम भी 50 लाख से अधिक रही। ऐसे में जिले में हर साल करीब सवा करोड़ रुपये का गबन होमगार्डों के फर्जी वेतन से हुआ है। 

पुलिस अफसर ने बताया कि एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही शासन स्तर से भी जांच जारी है। अभी तक 2014 से ही घोटाले की बुनियाद मानी जा रही है, लेकिन प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं। उसके मुताबिक, घोटाला वर्ष 2010 से होने की संभावना है। वेतन निकालने के लिए थानों के फर्जी मस्टर रोल और उन पर थानेदारों के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाई गईं। एसएचओ से पूछताछ की तो उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए जाने की बात कही।

पांच और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी पुलिस अफसरों ने बताया कि मामले में शासन स्तर से लगातार जवाब मांगा जा रहा है। ऐसे में बड़ी मछलियों पर तो शिकंजा कसा ही जा रहा है। इस
कथित गिरोह के और पांच लोग पुलिस अफसरों के रडार पर हैं। हालांकि, अफसर ने स्पष्ट किया कि पांचों बड़े स्तर के अफसर नहीं हैं।


मस्टर रोल के आधार पर पूर्व और वर्तमान करीब 10 एसएचओ से पूछताछ की गई है। उन्होंने खुद के हस्ताक्षर होने से इंकार किया। संभव है कि घोटाला
पिछले दस साल से हो रहा है। जांच जारी है।
- रणविजय सिंह, एसपी देहात, गौतमबुद्धनगर